Sophie

Almost regular musings of a (somewhat confused) graphic designer.

Tere bina…

तेरी यादों में लिख जो लफ्ज़ देते हैं सुनाई
बीते लम्हें पूछते हैं क्यूँ हुए ऐसे जुदा खुदा,
खुदा मिला जो ये फासला है
खुदा तेरा ही ये फैसला हैं
खुदा होना था वो हो गया
जो तुने था लिखा

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